Sermons

[11-13] < निर्गमन २६:३१-३३ > वे जो परमपवित्र स्थान में प्रवेश कर सकते है



< निर्गमन २६:३१-३३ >

“फिर नीले, बैंजनी और लाल रंग के और बटी हुई सूक्ष्म सनीवाले कपड़े का एक बीचवाला परदा बनवाना; वह कढ़ाई के काम किये हुए करूबों के साथ बने। और उसको सोने से मढ़े हुए बबूल के चार खम्भों पर लटकाना, इनकी अंकड़ियाँ सोने की हों, और ये चाँदी की चार कुर्सियों पर खड़ी रहें। और बीचवाले परदे को अंकड़ियों के नीचे लटकाकर, उसकी आड़ में साक्षीपत्र का सन्दूक भीतर ले जाना, इस प्रकार वह बीचवाला परदा तुम्हारे लिये पवित्रस्थान को परमपवित्र स्थान से अलग किये रहे”।



मिलापवाले तम्बू की सामग्री


मिलापवाला तम्बू छोटा तह करनेवाला घर था जो चार प्रकार के आवरण से ढँका हुआ था। यह अनेक सामग्री से बना हुआ था – उदाहरण के लिए, इसकी दीवार बबूल के लकड़ी के ४८ पटिए से बनी हुई थी। प्रत्येक पटिये की उंचाई ४.५ मीटर (१० हाथ: १५ फीट) थी, और चौड़ाई ६७.५ मीटर (१,५ हाथ: २.२ फीट) थी। सारे पटिये सोने से मढ़े हुए थे।

मिलापवाले तम्बू का आवरण निम्नलिखित सामग्री से बना हुआ था: पहला आवरण नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुने परदे से बना था; दूसरा आवरण बकरे के बाल से बना हुआ था; तीसरा आवरण लाल रंग से रंगी मेंढे की खाल से बना हुआ था; और चौथा आवरण सुइसों की खाल से बना हुआ था।

जैसे हमने पहले ही जाँच की है, मिलापवाले तम्बू के सारे द्वार नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बुने थे।

परमपवित्र स्थान के परदे को बुनने के लिए इस्तेमाल किए गए चार रंग के कपड़े यीशु मसीह के कार्य को प्रगट करते है जिसने लोगों को पाप से बचाया है। जैसे की यह चार रंग सत्य का प्रकाश है जो प्रगट करता है की यीशु मसीह हमें पाप की माफ़ी का उपहार देगा, वह कुछ ऐसा है जिसके लिए विश्वासियों को पूर्ण रूप से धन्यवादित होना चाहिए। 



पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान के द्वार की सामग्री


पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान के द्वार की सामग्री कपड़ा था जो नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कापडे से बुना था। मिलापवाले तम्बू के सारे द्वार इस कपड़े की सामग्री से बने हुए थे। व्यक्ति मिलापवाले तम्बू के पवित्र स्थान में जानेवाले द्वार से गुजर कर परमपवित्र स्थान के द्वार तक आ सकता था। परमपवित्र स्थान का द्वार हमें बताता है की प्रभु ने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुई अपनी चार सेवकाई के द्वारा हमारे पापों को मिटा दिया है।

पवित्र स्थान और परमपवित्र स्थान के लिए इस्तेमाल हुए नीले, बैंजनी, और लाल कपड़ा और बटी हुई सनी का कपड़ा प्रतिबिम्ब है जो प्रगट करता है की मसीहा इस पृथ्वी पर आएगा, बपतिस्मा लेगा, अपना लहू बहाएगा, और इस तरह उद्धार के कार्य को परिपूर्ण करेगा। इनमे, नीला कपड़ा वह प्रतिबिम्ब है जो बपतिस्मा को प्रगट करता है जो यीशु लेगा, और लाल कपड़ा बलिदान का प्रतिबिम्ब है जो वह अर्पण करेगा क्योंकि उसने जगत के पापों को उठाया है। हमारे पापों को साफ़ करने के लिए, हमारे प्रभु ने बपतिस्मा लिया और पाप के दोष को सहा। यही है जो परमपवित्र स्थान के द्वार के परदे में निहित है।



मिलापवाले तम्बू का फर्श


मिलापवाला तम्बू समतल भूमि पर बनाया गया था। यहाँ भूमि लोगों के हृदय को दर्शाती है। मिलापवाले तम्बू का फर्श धूल और भूमि से बना था वह हमें यह भी बताते है की यीशु हमारे हृदय के सारे पापों को मिटाने के लिए इस पृथ्वी पर मनुष्य की देह में आएगा। क्योंकि यीशु मनुष्यजाति की सारी कमजोरियों के अनुभव से गुजरा था, इसलिए उसने जो बपतिस्मा लिया था और क्रूस पर जो कीमती लहू बहाया था उससे उनके सारे पापों को साफ़ किया। हमारे प्रभु इस जगत में सत्य की चमकती हुई रोशनी डालने के लिए और मनुष्यों के पापों की मूल समस्या को सुलझाने के लिए इस पृथ्वी पर आए। यीशु सृष्टि का परमेश्वर है जिसने पूरे ब्रह्मांड और उसकी सारी चीजो को बनाया है, और वह उद्धार की ज्योति है जो सारी मनुष्यजाति को उनके श्राप और पापों से छूटकारा देने के लिए इस पृथ्वी पर आया।



परमपवित्र स्थान के खम्भे


परमपवित्र स्थान के खम्भे बबूल की लकड़ी से बने चार पंक्ति से बने थे। बाइबल में, ४ नंबर का मतलब है दुःख उठाना। परमपवित्र स्थान के खम्भे हमें बताते है की लोग तब तक उद्धार नहीं पा सकते जब तक वे नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुई उद्धार की ज्योति पर विश्वास नहीं करते। दुसरे शब्दों में, वह प्रगट करती है की परमेश्वर ने खुद दुःख उठाकर जिसे परिपूर्ण किया है उस पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा उद्धार की रोशनी को ढूंढ सकते है।

जो कोई भी परमपवित्र स्थान में प्रवेश करना चाहता है और परमेश्वर की उपस्थिति के सामने खड़ा होना चाहता है उसे पानी और आत्मा के प्रकाशित सुसमाचार पर विश्वास करना चाहिए, उद्धार का सुसमाचार जो परमेश्वर ने तैयार किया है। लेकिन जो कोई भी परमेश्वर के द्वारा तैयार किए इस सुसमाचार पर विश्वास किए बिना परमेश्वर के पास अता है वह उसके क्रोध का सामना करता है। जो लोग परमेश्वर के सामने खड़े है उनके पास वह विश्वास होना चाहिए जो नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुए चमकते सत्य पर विश्वास करता हो। चमकते हुए सत्य की रोशनी के द्वारा, हम सब को परमपवित्र स्थान में आना चाहिए जहाँ परमेश्वर निवास करता है।

पुराने नियम में प्रगट हुआ पाप की माफ़ी का सुसमाचार उद्धार का सत्य है जो नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुआ था। नए नियम में प्रगट हुआ पाप की माफ़ी का सुसमाचार यीशु ने जो बपतिस्मा लिया था उसके द्वारा, क्रूस के लहू के द्वारा, और उसके पुनरुत्थान के द्वारा परिपूर्ण हुआ। हम परमपवित्र स्थान में केवल तभी प्रवेश कर सकते है जब हमारे पास ऐसा विश्वास हो जो इस पवित्र सुसमाचार पर विश्वास करता हो।



हमें नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुए हमारे उद्धार पर विश्वास करना चाहिए


इब्रानियों ११:६ में लिखा है, “और विश्‍वास बिना उसे प्रसन्न करना अनहोना है; क्योंकि परमेश्‍वर के पास आनेवाले को विश्‍वास करना चाहिए कि वह है, और अपने खोजनेवालों को प्रतिफल देता है।“ परमेश्वर हमेशा के लिए जीवित रहेगा। और हमें अनन्त जीवन देने के लिए, उसने हमें यीशु मसीह पर हमारे विश्वास के द्वारा पाप की माफ़ी पाने के लिए योग्य बनाया जो मनुष्य की देह में इस पृथ्वी पर आया, बपतिस्मा लिया और क्रूस पर चढ़ाया गया, मर गया, मृत्यु से फिर जीवित हुआ, और इस तरह हमारा उद्धारकर्ता बना। हमारे पापों के लिए न्याय सहन करके उसने हमारे पुराने मनुष्यत्व के सारे पाप धोने के द्वारा, और हमारी आत्माओं को वह विश्वास दिया जो पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करती है, हमारे प्रभु ने हमें पूर्णता से पवित्रता के कपड़े पहिनाए है।

हमें नया जीवन देने के द्वारा, हमारे प्रभु ने हमें परमेश्वर के सामने जाने और उससे प्रार्थना करने के लिए हमें योग्य बनाया है। इसके अलावा, उसने हमें परमेश्वर की उपस्थिति में खड़े रहने का और उसे हमारे पिता कहने का अनुग्रह भी दिया है। यह सारी चीजे परमेश्वर का उपहार है जो उसके द्वारा दिए गए उद्धार के द्वारा आती है। नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े के द्वारा यह उद्धार हमारे पास लाने के द्वारा, परमेश्वर ने हमें ऐसा विश्वास दिया है जो हमें उद्धार पाने के लिए और उसके सामने खड़े होने के लिए सक्षम बनाता है।

यदि आप और मैं कल मरने वाले है, तो क्या हम इतने आश्वस्त है की हम स्वर्ग में ही जाएंगे? आइए हम एक पल के लिए हमारे भविष्य के बारे में सोचते है। जब लोग मरते है, तब वे सारे परमेश्वर के न्याय के सिंहासन के सामने खड़े होते है। इसका केवल यह मतलब है की हमने इस पृथ्वी पर जो पाप किए है उसकी समस्या को हमें सुलझाना है – तो फिर हम कैअसे इस समस्या को सुलझा सकते है? यदि हम आँखे बंद करके यीशु पर हमारे उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास करे, तो क्या इसका मतलब यह नहीं है की हम केवल एक धर्म पर विश्वास करते है?

मेरे जीवन में ऐसा समय था जब मैं पानी और आत्मा के सुसमाचार से अनजान था और मेरे पाप की समस्या को आँख बंद करके केवल यीशु के लहू पर विश्वास करके सुलझाने की कोशिश करता था। उस समय, मैंने हठ पूर्वक विश्वास किया की यीशु को क्रूस पर चढ़ाया गया और वह मेरे जैसे लोगों के लिए मरा, और उसने पाप की सारी समस्या को सुलझाया। लेकिन इस विश्वास के साथ, मैं हर दिन के पापों की समस्या को नहीं सुलझा पाया जो मैं हर दिन करता था। इससे बहुत दूर, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े पर विश्वास करने के द्वारा मेरी आत्मा का पूरी तरह से नया जन्म हुआ।

जब हम आँख बंद करके यीशु पर अपने उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास करते है तब क्या वास्तव में हमारे सारे पाप मिट जाते है? जो विश्वास हमें परमेश्वर के सामने खड़ा करने के लिए सक्षम बनाता है वह उस पर आँख बंद करके विश्वास करने से नहीं आता, लेकिन यह सत्य को जानने और उस पर विश्वास करने से आता है। भले ही हम यीशु पर हमारे उद्धारकर्ता के रूप में बड़े उत्साह से विश्वास क्यों न करते हो, यदि हम सत्य के सुसमाचार को नहीं जानते जिसने पापियों को नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े से बचाया तो हम पवित्र परमेश्वर से कभी नहीं मिल सकते। यह केवल तब होता है जब हमारे पास ऐसा विश्वास हो जो पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करता हो तो ही हम पवित्र परमेश्वर से मिल सकते है। तो फिर सत्य किस प्रकार के सामग्री से बना है जो हमें परमेश्वर के सामने खड़ा होने में और उद्धार प्राप्त करने के लिए सक्षम बनाता है? कौनसा सुसमाचार है जो हमें इस प्रकार के विश्वास के लिए सक्षम बनाता है? यह सुसमाचार पानी और आत्मा का चमकता हुआ सुसमाचार है।

हमारा प्रभु इस पृथ्वी पर आया, यूहन्ना से बपतिस्मा लेकर जगत के पापों को अपने ऊपर उठाया, क्रूस पर चढ़ा, अपना लहू बहाया, तिन दिनों के अन्दर मृत्यु से जीवित हुआ, और इस तरह जो लोग विश्वास करते है उनके लिए अपना उद्धार परिपूर्ण किया। यदि हमारी आत्मा पापों से शुध्ध होना चाहती है, तो ये केवल तभी हो सकता है जब हम यूहन्ना के द्वारा यीशु ने जो बपतिस्मा लिया था उस पर (मत्ती ३:१५) और क्रूस के लहू पर (यूहन्ना १९:३०) विश्वास करे जिससे की हम सत्य के राज्य में प्रवेश कर सके। जब तक हम यीशु मसीह पर हमारे उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास नहीं करते जो पानी और आत्मा के सुसमाचार में आया, तब तक हमारे हृदय हिम के नाई शुध्ध नहीं हो सकते।

कभी कभी, हमारी देह की कमजोरियों को धेकते हुए हम विलाप करते है। लेकिन फिर भी, पानी और आत्मा के सुससमाचार के कारण, हम अभी भी परमेश्वर को धन्यवाद दे सकते है, क्योंकि प्रभु ने अपने बपतिस्मा और लहू से हमारे सारे पापों को मिटा दिया है। आप और मैं किसी दूसरे तरीके से कभी भी पवित्र नहीं बन सकते थे, फिर भी पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा, हम पवित्र बनेव है। हमारे प्रभु ने सम्पूर्ण तरीके से हमें पाप से बचाया है। नीले और लाल कपड़े पर विश्वास करने के द्वारा, हम सत्य की रोशनी की खोज कर सकते है जिसने हमें हमारे सारे पापों से बचाया है। पानी और आत्मा के सुसमाचार के साथ, प्रभु ने हमें सार्थक और पवित्र बनाया है।

मत्ती १९:२४ में हमारे प्रभु ने कहा है, “परमेश्वर के राज्य में धनवान के प्रवेश करने से ऊँट का सुई के नाके में से निकल जाना सहज है।” जो लोग आत्मा में धनवान है वे बच नहीं सकते, क्योंकि वे विश्वास नहीं करते की वे पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा पाप की माफ़ी पा सकते है। केवल जो आत्मा में नम्र है और स्वर्ग में जाने की इच्छा रखते है, परमेश्वर की मदद मंगाते है, अपनी खुद की धार्मिकता को फेंक देते है और उसके बदले १०० प्रतिसत परमेश्वर की धार्मिकता पर विश्वास करते है वे पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करके अनन्त जीवन प्राप्त कर सकते है। पानी और आत्मा के सुसमाचार ने उद्धार की चमकती हुई रोशनी डाली है ताकि हम परम पवित्र परमेश्वर से मिलाने के लिए सक्षम बने। हम खुद से कभी भी पवित्र नहीं बन सकते, लेकिन जब हम प्रभु के द्वारा दिए गए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करते है तब वास्तव में हम पवित्र बनते है और सत्य के राज्य में प्रवेश करते है।



हमें धार्मिक और सैध्धान्तिक विश्वास को छोड़ देना चाहिए


यूहन्ना ३:३ में यीशु ने खुद कहा है, “यदि कोई नये सिरे से न जन्मे तो परमेश्‍वर का राज्य देख नहीं सकता।” नीकुदेमुस ने प्रत्युत्तर में कहा, “मनुष्य जब बूढ़ा हो गया, तो कैसे जन्म ले सकता है? क्या वह अपनी माता के गर्भ में दूसरी बार प्रवेश करके जन्म ले सकता है?” (यूहन्ना ३:४) 

जो लोग नया जन्म नहीं पाए है, उनके लिए केवल विश्वास से नया जन्म पाना असंभव है। कभी कभी, उसके चेले भी उसके वचन को नहीं समझ पाते थे और उस पर संदेह करते थे। इसलिए प्रभु ने एक बार उनसे कहा, “मनुष्यों से तो यह नहीं हो सकता, परन्तु परमेश्वर से सबकुछ हो सकता है” (मत्ती १९:२६)। निसन्देह, मनुष्यों के लिए अपने धार्मिक विश्वास के साथ परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना असंभव है, लेकिन उनके लिए पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करके राज्य में प्रवेश करना सम्भव है। हालाँकि हम खुद से पवित्र नहीं बन सकते, जो लोग विश्वास करते है की प्रभु इस पृथ्वी पर आए, अपने बपतिस्मा के द्वारा जगत के पापों को खुद पर उठाया, क्रूस पर चढ़ा, मृत्यु से फिर जीवित हुआ, और इस तरह उद्धार की रोशनी को डाला जिसने हमेशा के लिए हमारे सारे पापों को मिटा दिया – परमेश्वर ने उन्हें अपने राज्य में प्रवेश करने के लिए सक्षम बनाया है।

मिलापवाले तम्बू की सामग्री के रूप में उपयोग हुए नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुआ सत्य विस्तार पूर्वक पानी और आत्मा के सुसमाचार से सम्बंधित है जिसे यीशु ने नए नियम में परिपूर्ण किया है। दुसरे शब्दों में, पानी और आत्मा का सुसमाचार नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुए सत्य के समान है। नीला, बैंजनी, और लाल कपड़ा उसके उद्धार का प्रतिबिम्ब है, और पानी और आत्मा का सुसमाचार उसके प्रतिबिम्ब का वास्तविक तत्व है।

इसलिए हम पानी और आत्मा के सुसमाचार के द्वारा उद्धार के सत्य को ढूंढ सकते है और उस में आराम कर सकते है। पानी और आत्मा के चमकते हुए सुसमाचार में शान्ति है, जैसे की दूध छुडाया हुआ बच्चा अपनी माँ की बाहों में खेल रहा हो, आराम कर रहा हो, और सो रहा हो। सुसमाचार में पवित्र रोशनी को ढूँढ ने के द्वारा हम परम पवित्र परमेश्वर से मिलाने के लिए सक्षम बने है। यह पानी और आत्मा के चमकते हुए सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा है की हम उद्धार को ढूंढ पाए है जो परमेश्वर ने हमें दिया है। जो लोग परमेश्वर के द्वारा दिए गए इस उद्धार पर विश्वास करते है केवल वही अनंतकाल के आराम को प्राप्त कर सकते है।

संक्षेप में, पानी और आत्मा के परम पवित्र सुसमाचार में विश्वास करना ही एक ऐसा विश्वास है जो हमें परमपवित्र स्थान में प्रवेश करने के योग्य बनता है। ऐसा विश्वास जो पानी और आत्मा के चमकते हुए सुसमाचार पर विश्वास करता है वह हमें पाप की माफ़ी पाने के लिए सक्षम बनाता है। हमारा प्रभु इस पृथ्वी पर आया, और सुसमाचार के सत्य के द्वारा अपने बपतिस्मा और लहू से एक ही बार में हमेशा के लिए हमारे पापों को मिटा दिया। उसने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कापडे से हमारे साथ जो वायदा किया था अब उसे परिपूर्ण किया है। जो लोग यीशु पर अपने उद्धारकर्ता के रूप में और पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करते है केवल वही अनन्त जीवन प्राप्त कर सकते है और स्वर्ग में प्रवेश कर सकते है।

पानी और आत्मा का यह सच्चा सुसमाचार पिछले ३० सालों से प्रचार हो रहा है, वास्तव में यह पूरी दुनिया में फ़ैल रहा है। लेकिन यह परमेश्वर का विचार है की यह सत्य अन्त के समय में फैले। हमारे प्रभु ने प्रकाशितवाक्य में कहा है की अन्त के समय में अनगिनत लोग अपने पापों से बचाए जाएंगे। उसने यह भी कहा है की बहुत सारे लोग शहीद होंगे, और क्लेश के समय में अनगिनत लोग प्रभु पर विश्वास करने और शहीद होने के द्वारा अपने विश्वास का प्रदर्शन करेंगे। दुसरे शब्दों में, हमारे प्रभु ने अन्त के समय में बहुत ज्यादा आत्माओं की कटनी करने की ओर अपना लक्ष्य लगाया है। परमेश्वर की योजना केवल उन लोगों के लिए है जो सारे पापों से उद्धार के उपहार को पाने के लिए वास्तव में सत्य के सुसमाचार पर विश्वास करते है।

यह इसलिए है क्योंकि आप अब इस युग में पानी और आत्मा का सुसमाचार सुनकर भाग्यशाली बन गए है की आप अपने सारे पापों से बच पाए है। हमें यह पानी और आत्मा का सुसमाचार देने के लिए मैं सच में परमेश्वर का बहुत आभारी हूँ। यदि हमने पानी और आत्मा का सुसमाचार नहीं सुना होता तो हमारा क्या हुआ होता? लेकिन यह वास्तविकता है की अभी भी सारे लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार का स्वीकार नहीं करते है। यह सच्चाई ऐसी नहीं है की जो सारे व्यक्ति के हृदय में प्रवेश कर सके।

वास्तव में, हालाँकि हम देखते है की पूरी दुनिया में बहुत सारे मसीही है फिर भी उनमे से नहुत सारे लोग ना तो पानी और आत्मा के सुसमाचार को जानते है और न तो उस पर विश्वास करते है। तो फिर वे लोग जो सच्चे सुसमाचार से अनजान है वे अपने पाप से कैसे छूटकारा पाएंगे? इसी लिए परमेश्वर ने हमें मसीही साहित्य के द्वारा सच्चे सुसमाचार का प्रसार करने की अनुमति दी है।

इस दुनिया में ऐसे बहुत सारे लोग है जो गवाही देते है की वे हमने जो प्रसार किया है उस सुसमाचार के साहित्य को पढ़ने के बाद ही जान पाए है की पानी और आत्मा का सुसमाचार क्या है। पानी और आत्मा के सुसमाचार को जानने से पहले वे केवल क्रूस के लहू को ही जानते थे, लेकिन अब वे पानी और आत्मा के सुसमाचार के सही मतलब को समझकर और उस पर विश्वास करने के योग्य बने है इसलिए परमेश्वर के आभारी है। ऐसे कई लोग भी है जो गवाही देते है की वे नहीं जानते थे की यूहन्ना के द्वारा यीशु ने बपतिस्मा लिया इस वास्तविकता में बड़ा रहस्य छिपा हुआ है। वे अब इस सुसमाचार पर विश्वास करते है और इसके लिए परमेश्वर को धन्यवाद करने के लिए उनके पास पर्याप्तता नहीं है।

हम देख सकते है की पानी और आत्मा के सुसमाचार की तरह, मिलापवाले तम्बू के आँगन का द्वार भी नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कापडे से बना है। यह चार रंग पानी और आत्मा के सुसमाचार के सामान है। और उसी भाँती, पानी और आत्मा का चमकता हुआ सुसमाचार पवित्र स्थान के द्वार के परदे और परमपवित्र स्थान के द्वारा के परदे में भी प्रगट हुआ है। इसके अलावा, मिलापवाले तम्बू का पहला आवरण भी इसी चार रंगों से बुना था; नीला, बैंजनी, और लाल कपड़ा और बटी हुई सनी का कपड़ा। यह सत्य यीशु के बपतिस्मा और उसके लहू को दर्शाता है। इसी लिए यीशु ने खुद को स्वर्ग के राज्य के मार्ग के रूप में घोषणा की है। इस पृथ्वी पर आकर और पापियों को पानी और आत्मा के सुसमाचार के सत्य से बचा कर, उसने विश्वास करनेवालों को पापरहित बनाया है।

स्वर्ग के राज्य का मार्ग उस विश्वास में पाया जाता है जो यीशु के बपतिस्मा और उसके लहू पर विश्वास करता है। नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े के साथ, यीशु ने हमें सम्पूर्ण रीति से पापों से बचाया है। आप इस सत्य को कहा पा सकते है? यदि आप यीशु ने लिए हुए बपतिस्मा और क्रूस के लहू पर विश्वास करे, तो आप सारे पापों से बच सकते है और एक ही बार में हमेशा के लिए अनन्त जीवन पा सकते है।

तो फिर जैसे तैसे यीशु पर विश्वास करना और ठीक रीति से पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करना इन दोनों में क्या अन्तर है? क्योंकि पानी और आत्मा के सुसमाचार के द्वारा यीशु ने पापियों को उनके अपराधों से बचाया था, इसलिए इस सुसमाचार पर सही विश्वास करना प्रभु पर सही विश्वास करने के बराबर है। क्योंकि प्रभु ने पापियों को अपने बपतिस्मा और क्रूस के लहू के द्वारा बचाया था, इसलिए इस प्रभु पर उद्धारकर्ता के रूप में विश्वास करना ठीक वैसा है जैसे पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करके उद्धार पाना। जैसे तैसे केवल उसके नाम पर विश्वास करने का यह मतलब नहीं है की हमारे पाप मिट जाएंगे और हम स्वर्ग में प्रवेश करेंगे।

बल्कि, यह ठीक रीति से विश्वास करने से है की यीशु मसीह ने हमारे लिए यूहन्ना से बपतिस्मा लिया, क्रोस पर अपना लहू बहाया, सारे पापों के दोषों को सहा, और मृत्यु से जीवित हुआ ताकि हम हमारे पाप की माफ़ी पाए और परमेश्वर की निज प्रजा बने। परमेश्वर केवल उन लोगों को स्वर्ग क राज्य में प्रवेश करने की अनुमति देता है जिनके पास ऐसा विश्वास हो जो पानी और आत्मा के परम पवित्र सुसमाचार पर विश्वास करते है। लेकिन जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास नहीं करते वे स्वर्ग के राज्य में प्रवेश नहीं कर सकते, क्योंकि उन्होंने नया जन्म नहीं पाया है।

मिलापवाले तम्बू में प्रगट हुए पानी और आत्मा के चमकते हुए सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा, हम इस पृथ्वी पर जीते हुए भी परम पवित्र विश्वास को प्राप्त करने में सक्षम बने है। हालाँकि हमारे कर्म अपर्याप्त है, लेकिन जब हमारे पास ऐसा विश्वास हो तो कोई कैसे कह सकता है की हम धर्मी नहीं बने है? जब हम पानी और आत्मा केव सुसमाचार पर विश्वास करके पवित्र बने है, तो फिर कैसे हमारे अन्दर पाप हो सकता है? कुछ लोग आश्चर्य में पड़ते है की हम कैसे यह कह सकते है की हम देह में होने के बावजूद निरंतर पाप करते हुए भी पापरहित है।

लेकिन यह उनकी देह का अपना विचार है। जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार को जानते है और विश्वास करते है वे इस बात से सहमत है की मनुष्यों के पास अपूर्ण देह है इसलिए वे मरते दम तक पाप करते है। हालाँकि, वे यह भी विश्वास करते है की उन्होंने यीशु के बपतिस्मा और उसके क्रूस के सम्पूर्ण उध्धार के दायरे में अपने सारे पापों से छूटकारा पाया है जिसमे वे भविष्य में जो पाप करनेवाले है वे भी सम्मिलित है।

आप और मैं इस पृथ्वी पर अपना जीवन जीते हुए ऐसे आत्मिक सत्य के वचन को बाँट सकते है और परम पवित्र विश्वास को रख सकते है क्योंकि प्रभु ने हमें हमारा उद्धार दिया है यह वास्तविकता नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुई है। यह इसलिए है क्योंकि प्रभु ने हमें ऐसा विश्वास दिया है जो हमें पानी और आत्मा के सुसमाचार पर उसके उपहार के रूप में विश्वास करने की अनुमति देता है। प्रभु में हमारे विश्वास के साथ, हम एक दूसरों के साथ संगती कर सकते है और एक दूसरों को प्रेम कर सकते है – यहाँ हमारा सच्चा आनन्द है।

हम इस सुसमाचार के लिए केवल परमेश्वर का धन्यवाद कर सकते है। यह कितना अद्भुत है की मैं पानी और आत्मा के सुसमाचार को जान पाया और उस पर विश्वास कर पाया! जब मेरे पास यीशु के बपतिस्मा के बारे में लेशमात्र भी ज्ञान नहीं था, तब सत्य के वचन के द्वारा, परमेश्वर ने मेरे हृदय में ऐसा विश्वास दिया जो इस पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करता था। पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के द्वारा, हम सब ने स्वर्ग की आशीष को पाया है।



क्योंकि मेरे हृदय में सच्चा सुसमाचार है, इसलिए मैं इसे सच्ची कृतज्ञता के साथ प्रचार करता हूँ


बाइबल को पढ़ते समय, मेरे मन में एक प्रश्न उठा: यीशु ने बपतिस्मा क्यों लिया? क्योंकि यह प्रश्न बार बार उठता था, इसलिए मैंने बाइबल में इसके उत्तर को ढूँढना शुरू किया, लेकिन कोई भी मुझे यह सिखाने में कामयाब नहीं हुआ। इसी लिए जब तक मैंने पानी और आत्मा के सुसमाचार को नहीं जाना तब तक मुझे इस विषय में बहुत रूचि थी।

मैं अक्सर मत्ती ३:१३-१७ भाग को पढ़ता था, खास तौर पर जहाँ यीशु ने बपतिस्मा लेने से पहले यूहन्ना से कहा, “अब तो ऐसा ही होने दे, क्योंकि हमें इसी रीति से सब धार्मिकता को पूरा करना उचित है.” लेकिन मैं कभी भी इसके मतलब को नहीं समझ पाया। इसलिए मैं अक्सर दूसरों से यह पूछता था की क्यों यीशु ने यूहन्ना से यरदन नदी में बपतिस्मा लिया, लेकिन मैंने कभी भी पूर्ण संतुष्टिदायक उत्तर को नहीं सुना। इसके बावजूद भी, परमेश्वर ने मुझे यीशु ने यूहन्ना से बपतिस्मा लिया था उसके उदेश्य को समझने के लिए सक्षम बनाया। यह मेरे लिए आत्मिक क्रान्ति थी, जैसे अंधा व्यक्ति आँखों की रोशनी को पाटा है। इस तरह, मत्ती ३:१३-१७ के मतलब को समझने के बाद मैंने नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुए सत्य को समझा जिसने मुझे मेरे पापों से बचाया।

मैं इस सत्य को प्राप्त करता उससे पहले, मैं अपने उद्धार के रूप में केवल क्रूस के लहू पर ही विश्वास करता था, लेकिन वास्तविकता यह थी की मेरे अन्दर अभी भी पाप था और इसलिए मैं पापी था। उस समय, मैंने विश्वास किया की मैं यीशु के लहू पर विश्वास करके केवल मेरे माओल पापों से छूटकारा पा सकता हूँ, और मेरे वास्तविक पाप अभी भी मेरे हृदय में है। मैं उस विश्वास को नहीं जानता था जो व्यक्ति को पूर्ण पापरहित बनाता था – अर्थात्, मैं सम्पूर्ण तरीके से यीशु ने यूहन्ना से जो बपतिस्मा लिया था उससे अनजान था। हालाँकि, परमेश्वर ने मेरे हृदय को पाप की माफ़ी की रोशनी से प्रकाशित किया, जैसे अँधेरे कमरे में रोशनी जलती है। “अरे, यीशु ने यूहन्ना से जो बपतिस्मा लिया था वह पुराने नियम के हाथ रखने की रीति के समान था! इसलिए पानी और आत्मा का सुसमाचार यही है!” 

लेकिन उसके बाद क्या? मेरी पहचान के द्वारा विस्मित होकर, इस सत्य को समझने के बाद मेरे हृदय में बड़ी हलचल उठी: यदि दूसरा कोई सुसमाचार नहीं लेकिन केवल पानी और आत्मा का यह सुसमाचार सच्चा है, तो इस दुनिया का क्या होगा? मैंने सोचा की सुसमाचारवादियों का विश्वास बाइबल के अनुसार है। लेकिन अब, आखिरकार मुझे समझ में आया है की पानी और आत्मा के सुसमाचार को छोड़ बाकी सरे सुसमाचार शैतान की ओर से आए हुए झूठे सुसमाचार है।

इसलिए, उसके बाद मैंने उस पर विश्वास किया और प्रचार किया की पानी और आत्मा के सुसमाचार के अलावा ओर कोई सच्चा सुसमाचार नहीं है। कुछ लोगों ने इसके लिए मेरी टिका की। परमेश्वर ने मुझे यानी की बहुत सारी कमजोरियों वाले इंसान को यह भी दिखाया की, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुए उद्धार के सत्य ने मुझे यह विश्वास करने और प्रचार करने के लिए सक्षम बनाया की यह सत्य ही सच्चा सुसमाचार है। इस दुनिया में इसके जैसे दुसरे बहुत सारे सुसमाचार है, लेकिन केवल एक ही सच्चा सुसमाचार है। इसी लिए मैंने पूरी दुनिया में पानी और आत्मा के सुसमाचार को फ़ैलाने का फैसला किया है।

जब मैं सोचता हूँ की मैं कैसे पाप की माफ़ी के सत्य का प्रचार करता हूँ, और मैंने कैसे परम पवित्र पानी और आत्मा के सुसमाचार को जाना, उस पर विश्वास किया, और और उसका प्रसार किया, तब मुझे समझ में अता है की मैं परमेश्वर के द्वारा कितना आशीषित हूँ। मैंने केवल विश्वास किया की यीशु ने यूहन्ना से बपतिस्मा लेने के द्वारा और क्रूस पर अपने लहू के द्वारा जगत के पापों को अपन ऊपर उठाया, और मेरे सारे पाप दूर हो गए! पानी और आत्मा का सुसमाचार सच्चा सुसमाचार है, और मैं परमेश्वर का आभारी हूँ की उसने मुझे यह सुसमाचार दिया। मैं एक ऐसा व्यक्ति हूँ जो वास्तव में परमेश्वर के द्वारा बहुतायत से आशीषित है। आप में से जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार में विश्वास करते है वे भी ऐसे ही आशीषित है।

मैं विश्वास करता हूँ की यह सारी चीजे आशीष है जो परमेश्वर ने मुझे दी है। जैसे प्रेरित पौलुस अंगीकार करता है, “परन्तु मैं जो कुछ भी हूँ, परमेश्‍वर के अनुग्रह से हूँ। उसका अनुग्रह जो मुझ पर हुआ, वह व्यर्थ नहीं हुआ,” (१ कुरिन्थियों १५:१०) मै उसके अनुग्रह के लिए उसकी स्तुति करता हूँ। पूरी ईमानदारी से, यदि यह परमेश्वर की कलीसिया में नहीं होता, तो आप नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े में प्रगट हुए सुसमाचार के सत्य को कहा सुनते? जो कोई भी नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े के वचन पर विश्वास करता है उसका हृदय शुध्ध हो जाएगा। तो फिर जो लोग पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास नहीं करते है वे क्या सोचते है? उनके लिए, पानी और आत्मा का सत्य केवल नीरस है।

क्या आपके पास ऐसा विश्वास है जो परमपवित्र स्थान के द्वार के परदे के नीले और लाल कपड़े पर विश्वास करता है? जब आप इस वचन को सुनते है, तब ऐसा मत सोचे की आप इसे पहले से ही जानते है, लेकिन खुद की जाँच करे की क्या यह सत्य आपके हृदय में है। दुसरे शब्दों में, अब आपको ऐसा व्यक्ति बनना है जो पवित्रशास्त्र के मुताबिक़ पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करे। यदि आप परमेश्वर की कलीसिया में आते है, परमेश्वर के वचन को सुनते है तो यह आशीषित होगा और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने का मौक़ा पाते है।

लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो, यदि आप पानी और आत्मा के सुसमाचार को जानने के लिए, सच्चा विश्वास पाने के लिए, और स्वर्ग के राज्य में प्रवेश करने के लिए असमर्थ है, और केवल सांसारिक और घिसी पीती मनुष्य निर्मित कहानियों को सुनते है, तो इससे आपको क्या फायदा होगा? यदि आप जिस सुसमाचार पर विश्वास करते है वह पानी और आत्मा के सुसमाचार से भिन्न है, तो प्रभु के सामने आपकी आत्मा क्या मेल होगा? परमेश्वर का वचन और आपका विश्वास समान होना चाहिए, जैसे की प्रेरित पौलुस का विश्वास और हमारा विश्वास समान है। पतरस जिस सुसमाचार पर विश्वास करता था वह उस सुसमाचार के समान है जिस पर हम विश्वास करते है (१ पतरस ३:२१)।

मैं परमेश्वर का बहुत आभारी हूँ की उसने हमें इस अन्त के समय में पानी और आत्मा के सुसमाचार पर विश्वास करने के लिए सक्षम बनाया। और जब आप हमारी किताब में पानी और आत्मा के सुसमाचार को थामे रहते है और दूसरों के साथ इसे बाँटते है, तब वे भी पाप की माफ़ी को प्राप्त करेंगे और अपने आनन्द में परमेश्वर को धन्यवाद देंगे। हमें यह समझाना चाहिए की मिलापवाले तम्बू के सारे नमूने और पात्र उद्धार के प्रभु का चित्र बताते है जिसने हमारे सारे पापों को मिटा दिया है, और हमें इस सत्य के लिए परमेश्वर का धन्यवाद करना चाहिए।

हम आशीषित है की जब हमने परमपवित्र स्थान के द्वार के परदे में प्रगट हुए सत्य पर विश्वास किया तो हम बच गए और स्वर्ग में प्रवेश कर सकते है। इसके अलावा, परमेश्वर ने हमें पूरी दुनिया में नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े से बने पाप की माफ़ी को फैलाने के लिए सक्षम बनाया है। परमेश्वर ने हमें यह कार्य सोंपा है। हमारे कार्य के स्थान पर, हमें दिए गए कार्य के प्रति हम विश्वासयोग्य है, और इस विश्वासयोग्यता की वजह से परमेश्वर ने हमें आशीष दी है।

मैं अपना धन्यवाद परमेश्वर को देता हूँ। मैं अपने विश्वास से उसकी महिमा करता हूँ, और विश्वास करता हूँ की मिलापवाले तम्बू के आँगन के द्वार को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बाटी हुई सनी के कपड़े में प्रगट हुआ पानी और आत्मा का सुसमाचार परमपवित्र स्थान के द्वार के परदे के समान ही है। अब, यह मेरी सच्ची आशा है की आप सब ऐसे व्यक्ति बनेंगे जो विश्वास के द्वारा अपने सारे पापों से बचे है, जो परमपवित्र स्थान में प्रवेश करने के योग्य है जहाँ परमेश्वर हमेशा के लिए निवास करता है। क्या आपका विश्वास इस सत्य पर भी मजबूती के साथ खड़ा है?